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लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी के बड़े एलान, AI ट्रेनिंग से 100 GW परमाणु ऊर्जा तक, 75 मिनट में रखा विकसित भारत का रोडमैप

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नई दिल्ली। देश ने शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। करीब 75 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं, शिक्षा, तकनीक, खेल, नागरिक सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और परमाणु ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों को लेकर बड़े ऐलान किए। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के सामने विकास का व्यापक रोडमैप रखा।

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना और भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की क्षमता प्रदान करना है।

छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की भी घोषणा की। सरकार के इस कदम से छात्रों और उनके परिवारों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आर्थिक बोझ कम करने का प्रयास किया जाएगा।

नागरिक सुरक्षा के लिए आधुनिक नेटवर्क

प्रधानमंत्री मोदी ने उभरती आपदाओं और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सशक्त नागरिक सुरक्षा नेटवर्क तैयार करने की बात कही। उन्होंने आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से लैस एक बड़े नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवी बल के निर्माण का ऐलान किया, जो आधुनिक संकटों से निपटने में सक्षम होगा।

2036 ओलंपिक की तैयारी पर जोर

खेलों के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का मजबूत दावेदार है। उन्होंने देश में खेल प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को कई खेलों और स्पर्धाओं में अभी क्वालीफाई करने की चुनौती का सामना करना पड़ता है। ऐसे में देश में जमीनी स्तर से खेल प्रतिभाओं को तैयार करने की जरूरत है।

सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता

प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र को भारत की तकनीकी और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश में तीन प्रमुख सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं और आने वाले समय में इस क्षेत्र में और संयंत्र शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा उपकरणों और परिवहन समेत आधुनिक अर्थव्यवस्था के लगभग हर क्षेत्र में चिप्स की महत्वपूर्ण भूमिका है।

2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य

ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने परमाणु ऊर्जा के विस्तार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य इसी दशक के भीतर पांच नए परमाणु रिएक्टर चालू करने का है।

पिछले चार वर्षों में सबसे छोटा भाषण

प्रधानमंत्री मोदी का इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस संबोधन 75 मिनट का रहा, जो पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा भाषण है। वर्ष 2025 में उनका संबोधन 103 मिनट का था, जबकि 2024 में उन्होंने 98 मिनट तक देश को संबोधित किया था।

प्रधानमंत्री का सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण 2017 में रहा था, जब उन्होंने करीब 56 मिनट तक संबोधन दिया था। 2014 में उनका पहला स्वतंत्रता दिवस भाषण 65 मिनट का था।

लगातार 13वीं बार लाल किले से संबोधन

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लगातार 13वीं बार लाल किले से देश को संबोधित किया। इस मामले में वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 12 संबोधनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके हैं। अब लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधन के मामले में वह केवल देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से पीछे हैं, जिन्होंने लगातार 17 बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया था।

‘शक्ति की सप्तधारा’ के जरिए विकसित भारत का रोडमैप

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘शक्ति की सप्तधारा’ का उल्लेख करते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विकास की दिशा सामने रखी। उन्होंने आर्थिक विकास, तकनीक, ऊर्जा, सुरक्षा, युवा शक्ति और अन्य क्षेत्रों को देश की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार के रूप में रेखांकित किया।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस संबोधन अपेक्षाकृत छोटा रहा, लेकिन इसमें AI, मुफ्त कोचिंग, खेल, सेमीकंडक्टर, नागरिक सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।

राहुल गांधी और खरगे समारोह में नहीं पहुंचे

वहीं, 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार दूसरे वर्ष शामिल नहीं हुए।

इससे पहले 2024 में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राहुल गांधी की बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद हुआ था। उन्हें कथित तौर पर परंपरा और प्रोटोकॉल से अलग दूसरी आखिरी पंक्ति में बैठाया गया था। विपक्ष ने इस पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने उस समय सफाई देते हुए कहा था कि पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने और उनके लिए जगह उपलब्ध कराने के कारण बैठने की व्यवस्था में बदलाव किया गया था।